उल्लेखनीय कार्य


1. वर्ष 1992 में रामगुलाम कन्हैया लाल चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना कर उसके प्रबंधक ट्रस्टी बनाए गए। वही परिवार संग उन्होंने कंपनी के लगभग 10 प्रतिशत शेयर ट्रस्ट को दान कर दिया, यह ट्रस्ट सक्रिय रूप से ग्रामीण व्यक्तियों और महिलाओ के विकास में मददगार साबित हो रहा है। इस ट्रस्ट का प्राथमिक उद्देश्य सामाजिक कल्याण है। यह ट्रस्ट पिछले 30 वर्षो से परमार्थ प्राकृतिक चिकित्सा और योग केंद्र के नाम पर ऋषिकेश (उत्तराखंड) में एक प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल और योग केंद्र का संचालन कर रहा है, जहाँ एक करोड़ रुपए दान भी दिया है। इसके अलावा लगभग 53 लाख रुपये चिकित्सा सहायता, आपदा पीड़ितों के लिए मदद, लड़कियों की शादी और विभिन्न दान समाज की भलाई के लिए किया हैं। ट्रस्ट ने 15000 महिलाओं को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 31 लाख देकर कवर किया है। । ट्रस्ट ने लगभग 5 करोड़ रुपए (भूमि + भवन निर्माण) दान देकर वर्ष 2012 में 14000 स्क्वायर फ़ीट में वाराणसी के केंद्र में कन्हैयालाल गुप्ता मोतीवाला स्मृति भवन धर्मशाला की स्थापना की है। इस धर्मशाला में 2 मीटिंग हॉल सहित सभी आधुनिक सुविधाएं हैं मुख्य रूप से समाज के मांगलिक कार्यक्रम सभा, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटकों के लिए है



2. माथुर वैश्य शाखा सभा, वाराणसी के तत्कालीन अध्यक्ष श्री सुनील गुप्ता के विशेष सहयोग से माथुर वैश्य जन कल्याण ट्रस्ट की स्थापना हुई जिसके अध्यक्ष पद को सुशोभित कर रहे है यह ट्रस्ट वाराणसी में स्थित कन्हैया लाल गुप्ता मोतीवाला स्मृति भवन का प्रबंधन करता है। इस ट्रस्ट द्वारा समाज के 51 से ज्यादा जरूरतमंद नौनिहालों को उच्च शिक्षा हेतु लगभग 1.61 करोड़ रुपये का शिक्षा सहयोग राशि दिया है। शिक्षा सहयोग कोष के लिए 5 करोड़ रुपये तक का लक्ष्य रखा है अभी तक 2 करोड़ रुपये जमा हो चुके है।

3. पं रामप्रवेश स्नात्तकोतर महाविद्यालय के पिछले 15 वर्षो से अध्यक्ष भी हैं जो की ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है, जहां वर्तमान में 3800 छात्र शिक्षा ले रहे हैं। जहां प्राइमरी से लेकर स्नातक तक पढ़ाई हो रही है |



4. काशी जन कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं जो 50 करोड़ की लागत से प्रस्तावित वृद्धाश्रम, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र और योग केंद्र के लिए प्रदेश सरकार के साथ एक समझौते पर करार किया है और इस पहल के लिए लगभग 3.5 एकड़ भूमि खरीद ली गई है और अभी 35 एकड़ भूमि के क्रय की प्रक्रिया जारी है। यह परियोजना लगभग 100 लोगों को सीधे रोजगार देने के साथ हर साल 15-20 प्राकृतिक चिकित्सक एवं 40 पैरामेडिकल के लोग भी तैयार किए जाएंगे।

5. अशोक कुमार गुप्ता विभिन्न सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के साथ हाल के दिनों में संपन्न हुए चुनावी कार्यक्रमों में भी बहुत सक्रिय रहे है, इसी के साथ VOTE FOR KASHI के एक अभियान का नेतृत्व किया, जो एक बहुत ही सफल अभियान बन गया। यह एक गैर राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता अभियान था और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपने क्षेत्र और आस-पास के क्षेत्र के सभी निवासियों को वोट डालने के लिए प्रेरित किया और 3 मॉडल बूथों की भी व्यवस्था की ताकि इस बार के चुनाव को वाराणसी में एक उत्सव के रूप में मनाया जा सके । इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन द्वारा प्रशंसित किया गया।



6. वर्ष 1935 में स्थापित धर्मार्थ चिकित्सालय हिंदू सेवा सदन के अध्यक्ष पद पर आसीन हैं जहां गरीब रोगियों को रियायती दरों पर अच्छी चिकित्सा सुविधा मौजूद है। यह 200 बिस्तरों वाला चिकित्सालय है।

7. ग्रैंड लॉज ऑफ़ इंडिया के Dy Grand Manter भी रह चुके है।

8. राजा बलदेव दास बिड़ला अस्पताल के दो दशकों से ट्रस्टी है यह 60 बिस्तरों वाला आधुनिक अस्पताल है।

9. इंडियन नॅशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चर हेरिटेज (इटैक) के आजीवन सदस्य हैं। यह संस्था मूर्त एवं अमूर्त विरासत संरक्षण के लिए विश्व विख्यात है।



10. वाराणसी मेसोनिक लॉज ट्रस्ट के लगातार 8 साल तक अध्यक्ष रहे। इनके कार्यकाल में लोगो कृत्रिम अंग किये जाते रहे है साथ ही गरीबो को हर साल शिविर लगाकर मेडिकल परीक्षण कराया जाता था और दवा दी जाती रही है तो वही अब टाटा ट्रस्ट द्वारा संचालित कैंसर अस्पताल के को आर्थिक व चिकित्सीय सहायता प्रदान की जाती है |

11. सदियों पुरानी लुप्त होती सांस्कृतिक संगीत परंपरा को बचाने एवं शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने के लिए समर्पित संस्था कला प्रकाश के संरक्षक है। संस्था के अंतर्गत प्रतिवर्ष गुलाबबाड़ी का आयोजन अपने निवास स्थान पर करते आ रहे है कार्यक्रम में पद्मविभूषण पं छन्नू लाल मिश्रा, पद्मविभूषण पं किशन महाराज, पद्म भूषण पं राजन साजन मिश्रा, पद्म बिभूषण गिरिजा देवी, पद्मविभूषण श्री बिरजू महाराज, पद्मभूषण पं अजय चक्रवर्ती, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, पद्मश्री श्री राजेश्वर आचार्य और पद्मश्री शुभा मुद्गल ने भाग लिया ।